गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सदर तहसील सभागार में कृषि सांख्यिकी एवं फसल उत्पादन के सही आकलन को लेकर कानूनगो एवं लेखपालों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन अमरेंद्र राय द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने क्रॉप कटिंग प्रयोग (Crop Cutting Experiment) की प्रक्रिया, उद्देश्य और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी अमरेंद्र राय ने बताया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग सरकार द्वारा फसलों के वास्तविक उत्पादन का आकलन करने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से खेत में खड़ी फसल का एक निश्चित क्षेत्र चिन्हित कर उसकी कटाई कराई जाती है और प्राप्त उपज के आधार पर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। इसी आंकड़े के आधार पर जिले और प्रदेश की औसत पैदावार तय की जाती है, जो कृषि नीतियों और योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग के लिए सबसे पहले चयनित गांव और खेत की पहचान की जाती है। इसके बाद खेत में निर्धारित माप का प्लॉट (आमतौर पर 5 मीटर × 5 मीटर या तय मानक के अनुसार) बनाया जाता है। चिन्हित क्षेत्र की पूरी फसल को सावधानीपूर्वक काटा जाता है, फिर उसकी मड़ाई कराकर प्राप्त अनाज को तौला जाता है। प्राप्त वजन को निर्धारित फार्मेट में दर्ज कर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का आंकड़ा तैयार किया जाता है।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि क्रॉप कटिंग के दौरान पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए चयनित खेत का सही लोकेशन, फसल की स्थिति, कटाई की तिथि, उपस्थित अधिकारियों के हस्ताक्षर तथा फोटो आदि का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। कई स्थानों पर मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी इन आंकड़ों को अपलोड किया जाता है, जिससे डेटा सीधे शासन स्तर तक पहुंचता है।
जिला सांख्यिकी अधिकारी अमरेंद्र राय ने कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिया कि क्रॉप कटिंग प्रयोग पूरी निष्पक्षता और सावधानी के साथ करें, ताकि फसल उत्पादन के आंकड़े वास्तविक और विश्वसनीय हों। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर ही किसानों को फसल बीमा, राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्रॉप कटिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कानूनगो और लेखपाल उपस्थित रहे।
