बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिले में कटहल नाला के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत चिन्हित किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की चेतावनी के बाद गुरुवार को 8 अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अपना कब्जा हटाना शुरू कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर महावल, बहेरी और परमानंदापुर क्षेत्र में कुल 13 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। इनमें से 8 लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपने स्तर से अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन ने शेष अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय के भीतर स्वेच्छा से कब्जा हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अतिक्रमण हटाने में प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा तो उसकी पूरी लागत संबंधि अतिक्रमणकारियों से वसूली जाएगी। इसके साथ ही सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।कटहल नाला के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए ग्राम महावलपुर रामपुर महावल से लेकर प्रबंधापुर तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में कार्य प्रस्तावित है। नाले की चौड़ाई लगभग 20 मीटर रखी गई है। इस परियोजना के लिए परिवहन मंत्री के प्रयास से करीब 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे नाले के जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने गुरुवार को पूरे दो किलोमीटर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों की समीक्षा की। वर्तमान में रामपुर महावल और परमानंदापुर क्षेत्र में लगभग 500 मीटर तक कार्य प्रगति पर है, जहां सिल्ट की सफाई, मिट्टी भराई तथा एप्रोच रोड के लिए मिट्टी का कार्य कराया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष कार्य को अप्रैल के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि मानसून से पहले नाले के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण हो सके। इस अवसर पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र, सहायक अभियंता सीएनडीएस तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
