मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने रानीपुर विकास खंड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अभिलेख अपूर्ण मिलने और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कार्यों में सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विकास खंड कार्यालय में योजनाओं से संबंधित अभिलेख सही तरीके से संधारित नहीं किए गए थे। सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक भी अधूरी पाई गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के कई आवास अभी तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता का अभाव और फीडबैक न लेने की लापरवाही भी सामने आई। इस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी, लेखाकार और कार्यालय कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सभी रिकॉर्ड जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने रानीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोकुलपुरा में आयोजित जन चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली के बढ़ते बिलों की शिकायत रखी। सीडीओ ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि गांव के सभी उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की जांच कर तत्काल सुधार किया जाए। साथ ही बीडीओ रानीपुर को भी शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जन चौपाल के बाद सीडीओ ने गांव में मनरेगा और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कराए गए निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया और कमियों को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने ग्राम पंचायत काझा में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति और कम मजदूर मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था आरईडी के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तय समय में निर्माण कार्य पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए।
