जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ द्वारा 22 फरवरी को वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन
मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,द्वारा जनसामान्य को सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के क्रम में तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में 22 फरवरी 2026 को कम्युनिटी हॉल,में वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए न्याय और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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इस विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जनपद के समस्त सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बल वर्ग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार और लाभ वितरण किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को विधिक रूप से सशक्त बनाना, उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित यह शिविर न्याय तक आसान पहुंच का प्रभावी माध्यम बनेगा।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, की सचिव साक्षी सिंह ने बताया कि शिविर में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पराविधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को न केवल शिविर की जानकारी दी जा रही है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और लाभ की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई जा रही है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर से पूर्व जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा लघु शिविर लगाए जा रहे हैं। इन लघु शिविरों में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें मुख्य शिविर में बुलाया जाएगा, ताकि उन्हें योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।
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यह शिविर उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्यायिक प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित रह जाते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरन का यह प्रयास जिले में न्याय, समानता और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
