संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत धर्मसिंहवा में स्थित ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप तक पहुंचने वाले मार्ग को आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर पंचायत प्रशासन ने मार्ग के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही इस मार्ग का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे इलाके में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावना बढ़ेगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन की योजना के तहत धर्मसिंहवा बौद्ध स्तूप मार्ग को अब ‘गौरव पथ’ के रूप में विकसित किया जाएगा। मार्ग के दोनों किनारों पर स्ट्रीट लाइटें, इंटरलॉकिंग सड़क, पाथवे सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बौद्ध स्तूप पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवागमन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
धर्मसिंहवा का बौद्ध स्तूप ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से क्षेत्र की अमूल्य धरोहर माना जाता है। पूर्व में यहां सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया था, लेकिन नियमित देखरेख न होने के कारण विकास कार्य रुक गया। करीब दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग की ओर से पुनः सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव बनाया गया था, जो अब तक लंबित है।
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स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि धर्मसिंहवा क्षेत्र बौद्ध परंपरा से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन काल में यहां बौद्ध भिक्षुओं का आगमन होता था और यह स्थान ‘धम्मसिंहवा’ नाम से भी प्रसिद्ध रहा है। बौद्ध स्तूप क्षेत्र की पहचान का प्रमुख प्रतीक है, लेकिन संरक्षण की कमी के चलते इसकी ऐतिहासिक महत्ता धीरे-धीरे उपेक्षा का शिकार हो रही है।
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नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2022 के बाद क्षेत्र में सड़कों, नालियों, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया गया, लेकिन बौद्ध स्तूप और उससे जुड़े मार्ग को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल पाई। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इस मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाए और बौद्ध स्तूप को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिले, तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी।
प्रशासन को उम्मीद है कि शासन से जल्द ही प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद धर्मसिंहवा बौद्ध स्तूप मार्ग का विकास कार्य शुरू होगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।
