ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने मिडिल ईस्ट में हालात और तनावपूर्ण कर दिए हैं। मंगलवार (13 जनवरी 2026) को ट्रंप ने खुलकर ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा,
“ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो, मदद रास्ते में है।”

ट्रंप के इस बयान के बाद क्षेत्र में एक नई जंग की आशंका गहराने लगी है। वहीं रूस ने ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर अमेरिका की तीखी आलोचना की है।

रूस की अमेरिका को सख्त चेतावनी

रूस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान पर नए सैन्य हमलों की धमकियां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी कदम के मिडिल ईस्ट और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।

रूस ने कहा,
“जो लोग जून 2025 में ईरान पर हुए हमले को दोहराने के बहाने के रूप में अशांति फैलाना चाहते हैं, उन्हें इसके गंभीर नतीजों के बारे में सोचना चाहिए।”

ईरान में कार्रवाई के दौरान 2,000 मौतों का दावा

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक लगभग 2,000 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं नहीं रुकतीं, तब तक अमेरिका ईरानी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा।

हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके बयान में कही गई “मदद रास्ते में है” का वास्तविक अर्थ क्या है।

ट्रंप और नेतन्याहू को ईरान ने बताया ‘हत्यारा’

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरानी जनता का “मुख्य हत्यारा” करार दिया है। यह बयान ट्रंप द्वारा ईरानी प्रदर्शनकारियों को संस्थानों पर कब्जा करने का समर्थन देने के कुछ ही मिनटों बाद आया।

संचार सेवाओं में आंशिक ढील

तेहरान प्रशासन ने हालात के बीच कुछ प्रतिबंधों में ढील देते हुए नागरिकों को मोबाइल नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल की अनुमति दी है। हालांकि इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाएं अब भी बंद हैं।

ईरान पर एयरस्ट्राइक विकल्पों में शामिल: व्हाइट हाउस

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने 12 जनवरी को कहा था कि ईरान पर एयरस्ट्राइक उन विकल्पों में शामिल हैं, जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि कूटनीति अमेरिका की पहली प्राथमिकता है।

हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे: ईरान

ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो तेहरान जोरदार जवाब देगा।

उन्होंने कहा,
“क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने और वाशिंगटन का साथ देने वाले देश हमारे लिए वैध लक्ष्य होंगे। हमारी रक्षा स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।”