डीएम ने 23 मामलों का मौके पर किया निस्तारण, बोले—अब हर शिकायत का होगा गुणवत्तापूर्ण समाधान
महराजगंज (राष्ट्र की परंपरा)। जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर तहसील नौतनवां में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भारी संख्या में फरियादी पहुंचे। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्वयं जनशिकायतों की सुनवाई करते हुए प्रशासनिक अमले को संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह बनने का सख्त संदेश दिया।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 117 जनशिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 23 मामलों का निस्तारण जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि हर शिकायत का निस्तारण तय समय-सीमा में, एस ओपी के अनुसार और शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि के साथ किया जाए। औपचारिकता नहीं, समाधान चाहिए—डीएम ने दो टूक कहा कि शिकायत निस्तारण सिर्फ फाइलों तक सीमित न रहे। अधिकारी स्वयं निगरानी करें, अंतिम आख्या से पहले शिकायतकर्ता से संवाद करें और निस्तारण की पुष्टि हेतु स्पॉट मेमो अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या मनमानी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस पोर्टल व तहसील दिवस से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतें प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
ठंड में राहत, बाल विवाह पर सख्त पहरा
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीएम ने डीपीआरओ और सभी अधिशासी अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों व ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की समुचित व्यवस्था करने तथा रैन बसेरों को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए।साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मैरेज हॉल या आयोजन स्थल पर बाल विवाह नहीं होना चाहिए। इसके लिए मैरेज हॉल संचालकों से शपथ पत्र लेना अनिवार्य किया गया है।
इस दौरान संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना, डीएफओ निरंजन सुर्वे, एसडीएम नवीन प्रसाद, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, तहसीलदार नौतनवा कर्ण सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता सुनील गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
