
सांकेतिक फोटो
जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा) किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में 14 अगस्त को बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस भीषण प्राकृतिक आपदा के छठे दिन मंगलवार को बचावकर्मियों ने दो और शव बरामद किए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) भी शामिल हैं।
लगातार जारी है राहत एवं बचाव अभियान
मौसम में सुधार होने के बाद मंगलवार सुबह बचाव दल ने एक क्षतविक्षत शव बरामद किया, जबकि दिन में एक अलग स्थान से एक और शव तथा शरीर के दो अंग मिले।
राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के पुलिस उपाधीक्षक मसूफ अहमद मिर्जा ने बताया कि बचाव व राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इलाके की गहन जांच के लिए एक विशेष टीम निचले हिस्से की ओर भेजी गई है।
अब तक का आंकड़ा मृतक संख्या : 65 लापता लोग : 39 (संशोधित सूची अनुसार) बचाए गए लोग : 167
मचैल माता मार्ग पर सबसे ज्यादा तबाही किश्तवाड़ का चिशोती गांव, मचैल माता मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन से पहुंचने योग्य अंतिम गांव है। यहां बादल फटने से अचानक आए सैलाब ने घरों, खेतों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया।
प्रशासन ने कहा है कि राहत व बचाव अभियान में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है और लापता लोगों को खोजने के लिए SDRF, पुलिस व अन्य एजेंसियां पूरी ताकत के साथ जुटी हुई हैं।
