अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक बड़े सैन्य अभियान में गिरफ्तार कर लिया गया। यह हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन महज 30 मिनट के भीतर अंजाम दिया गया, जबकि इसकी तैयारी कई महीनों से चल रही थी।
शुक्रवार (2 जनवरी 2026) की सुबह जब राष्ट्रपति ट्रंप सोशल मीडिया पर अपनी सेहत और अन्य मुद्दों पर पोस्ट कर रहे थे, उसी दौरान वेनेजुएला में अमेरिकी सेना ने इस गोपनीय सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस मिशन को “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम दिया गया था।
महीनों की योजना, मिनटों में कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन की योजना, अभ्यास और रिहर्सल लंबे समय से की जा रही थी। एक बार मिशन शुरू होने के बाद यह पूरा अभियान 30 मिनट से भी कम समय में समाप्त हो गया। कुछ ही घंटों में मादुरो का शासन समाप्त होने का दावा किया गया।
हमले से पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तट के पास अपनी सैन्य मौजूदगी चुपचाप बढ़ा दी थी। खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति मादुरो की रोजमर्रा की गतिविधियों, उनके ठिकानों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए थीं।
मादुरो के आवास की हूबहू नक़ल तैयार
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों ने मादुरो की आदतों से लेकर उनके पहनावे और यहां तक कि पालतू जानवरों तक की जानकारी जुटाई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन की तैयारी के लिए मादुरो के आवास की बिल्कुल वैसी ही एक नकली इमारत तैयार की गई थी, जिसमें स्टील के दरवाजे और सुरक्षा ढांचे शामिल थे। इसी मॉडल पर बार-बार अभ्यास किया गया।
रात में हमला, आसमान में अमेरिकी लड़ाकू विमान
ट्रंप ने रात करीब 10:46 बजे इस मिशन को अंतिम मंजूरी दी। मौसम साफ होने का इंतजार किया गया ताकि हेलीकॉप्टर और विमान सुरक्षित उड़ान भर सकें। अमेरिकी हेलीकॉप्टर समुद्र के बेहद निचले स्तर पर उड़ते हुए आगे बढ़े ताकि रडार से बचा जा सके।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में 150 से ज्यादा अमेरिकी विमान वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए और आसमान में सुरक्षा घेरा बनाया गया।
भागने से पहले मादुरो गिरफ्तार
अमेरिकी विशेष बल उस सैन्य अड्डे तक पहुंचे, जहां मादुरो मौजूद थे। स्टील के भारी दरवाजों को तोड़ते हुए कमांडो अंदर घुसे और मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को सुरक्षित कमरे में जाने से पहले ही पकड़ लिया। ट्रंप के अनुसार, स्टील काटने के विशेष उपकरण भी तैयार थे, लेकिन उनकी जरूरत नहीं पड़ी।
अमेरिका ले जाया गया मादुरो
गिरफ्तारी के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को हेलीकॉप्टर से अमेरिकी युद्धपोत तक ले जाया गया और वहां से अमेरिका रवाना किया गया। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाया जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।
वेनेजुएला का विरोध, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस कार्रवाई में नागरिकों और सैनिकों की मौत का दावा करते हुए मादुरो को देश का वैध राष्ट्रपति बताया और उनकी रिहाई की मांग की।
वहीं अमेरिका समेत कई देशों में इस कार्रवाई की आलोचना भी हो रही है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए एकतरफा युद्ध करार दिया।
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