बीकापुर में सपा की सियासत गर्म, युवा चेहरे के रूप में हरिशंकर की दावेदारी चर्चा में

अभिषेक/प्रवीन की रिपोर्ट


अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा)। बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के संभावित प्रत्याशी को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच मसौदा प्रथम क्षेत्र से सपा के जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर यादव उर्फ छोटू का नाम युवा और सक्रिय चेहरे के रूप में तेजी से चर्चा में आया है।
क्षेत्रीय राजनीतिक हलकों में हरिशंकर यादव उर्फ छोटू को जमीन से जुड़े युवा नेता के तौर पर देखा जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क, लोगों के बीच सक्रियता और स्थानीय मुद्दों को लेकर उनकी भागीदारी ने उन्हें विधानसभा की संभावित दावेदारी की दौड़ में प्रमुखता से ला खड़ा किया है।
युवा नेतृत्व और जनसंपर्क बना चर्चा का आधार
हरिशंकर यादव लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय बताए जाते हैं। जिला पंचायत सदस्य के रूप में उनकी भूमिका और क्षेत्र में लोगों के बीच संपर्क को उनकी राजनीतिक ताकत के तौर पर देखा जा रहा है। समर्थक उन्हें युवा, सक्रिय और अपेक्षाकृत बेदाग छवि वाला चेहरा बताते हुए पार्टी के लिए संभावनाशील विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।
बीकापुर की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका को देखते हुए भी उनका नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, टिकट को लेकर अंतिम निर्णय समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ही करना है।
सपा में कई नामों पर मंथन, नेतृत्व के फैसले पर नजर
बीकापुर विधानसभा सीट से सपा के टिकट के लिए कई संभावित नामों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में है। हरिशंकर यादव उर्फ छोटू के अलावा आनंद सेन यादव, फिरोज खान उर्फ गब्बर और अनूप सिंह के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में लिए जा रहे हैं।
ऐसे में पार्टी के सामने संगठनात्मक पकड़, क्षेत्रीय प्रभाव, सामाजिक समीकरण और मतदाताओं के बीच स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी चयन की चुनौती होगी। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर से ही होना है।
2022 के चुनाव के बाद फिर बढ़ी टिकट को लेकर उत्सुकता
बीकापुर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 का चुनाव भी राजनीतिक रूप से खासा चर्चित रहा था। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने फिरोज खान उर्फ गब्बर को प्रत्याशी बनाया था। अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजर एक बार फिर पार्टी के प्रत्याशी चयन पर टिकी है।
स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि इस बार पार्टी ऐसा चेहरा तलाशेगी जो संगठन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को भी साध सके।
नेतृत्व का आशीर्वाद मिला तो पूरी ताकत से उतरूंगा’
टिकट को लेकर हरिशंकर यादव उर्फ छोटू का कहना है कि प्रत्याशी चयन का अधिकार समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास है। यदि पार्टी नेतृत्व का आशीर्वाद मिला तो वह पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चुनाव में बड़ी जीत का भरोसा जताते हुए करीब 50 हजार मतों के अंतर से जीत का दावा भी किया है।
जनसंपर्क बढ़ाकर दावेदारी को धार
संभावित चुनाव को देखते हुए हरिशंकर यादव की क्षेत्र में सक्रियता भी चर्चा में है। विभिन्न इलाकों में लोगों से मुलाकात, स्थानीय समस्याओं की जानकारी और समर्थकों के साथ संवाद के जरिए वह अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने में जुटे बताए जा रहे हैं। यही सक्रियता उनकी दावेदारी को लेकर चर्चाओं को और हवा दे रही है।
फिलहाल बीकापुर विधानसभा सीट पर सपा के प्रत्याशी को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। कई नाम चर्चा में हैं और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है। ऐसे में आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता, संगठन के भीतर समीकरण और क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव महत्वपूर्ण होंगे। हरिशंकर यादव उर्फ छोटू की बढ़ती सक्रियता ने बीकापुर की चुनावी चर्चाओं में एक नया नाम जरूर प्रमुखता से जोड़ दिया है।