Wednesday, April 22, 2026
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महिलाओं के अधिकार में देरी क्यों? कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार चर्चा हुई और इसे तत्काल लागू करने की मांग उठाई गई। बैठक में सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों के संगठन की गहन समीक्षा भी की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विजयशेखर मल्ल रोशन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल को जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों से जोड़ना महिलाओं के अधिकारों को टालने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को बिना किसी देरी के इस बिल को लागू करना चाहिए, ताकि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिल सके।

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उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी दिलाने की लड़ाई कांग्रेस ने वर्षों पहले शुरू की थी। वर्ष 2010 में यूपीए सरकार के दौरान महिला आरक्षण बिल राज्यसभा से पारित भी हुआ था, लेकिन लोकसभा में आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण यह कानून का रूप नहीं ले सका। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विपक्ष के विरोध के चलते यह ऐतिहासिक अवसर छिन गया। रोशन ने कहा कि यदि सभी दल उस समय साथ आते, तो आज देश की महिलाओं को 14 वर्ष पहले ही उनका अधिकार मिल चुका होता।
उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा महिला आरक्षण बिल को लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। जनगणना और परिसीमन की अनिवार्यता जोड़कर इसे वर्ष 2029 तक टालने की रणनीति अपनाई गई है, जो महिलाओं के साथ न्याय नहीं है।
संगठन की समीक्षा के दौरान जिलाध्यक्ष ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन पूरा करें। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी है और इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता जरूरी है।
जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय ने अपने संबोधन में भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जो भी अधिकार आज तक मिले हैं, उनमें कांग्रेस की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर सच्चाई को सामने रखें।

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जिला उपाध्यक्ष अब्दुल जब्बार ने कहा कि वर्तमान शासन से जनता में निराशा बढ़ रही है और लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को अब यह एहसास हो गया है कि देश के विकास और सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक है।
बैठक में जिला महासचिव मार्कण्डेय मिश्र, जगरनाथ यादव, वशिष्ठ मोदनवाल, दीनदयाल प्रसाद, सत्यम पांडेय, रजनीश प्रसाद, धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, मनीष रजक, बृजेश यादव, डॉ. रमेश कुशवाहा, वजीर अहमद, ध्रुवप्रसाद आर्य, परमानन्द प्रसाद, सत्यवान पाण्डेय, शमशुल आजम, मोजाहिद लारी, रोहित यादव, राहुल मिश्र, डॉ. याहिया अंजुम, रामविलास शर्मा, परवेज लारी, गौरव नारायण यादव, सैयद फिरोज अहमद और डॉ. नरेन्द्र यादव समेत कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक रणनीति तैयार करना रहा। कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह देखने को मिला तथा सभी ने एकजुट होकर पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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