नशामुक्त युवा कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
बलिया (राष्ट्र की परम्परा )
नशे की बढ़ती लत युवा पीढ़ी के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। तनाव, असफलता, गलत संगत और दिखावे की जिंदगी के आकर्षण में फंसकर युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दादर आश्रम में नशामुक्त युवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।शासन के दो वर्षीय जागरूकता कार्यक्रम के क्रम में प्राचार्य प्रो. डॉ. उदय पासवान के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की। फ्यूजन कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने जागरूकता पोस्टर, निबंध और कविताओं के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने नशे से परिवारों पर पड़ने वाले मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के अनुभव भी साझा किए।कार्यक्रम अधिकारी अवनीश चंद्र सोनकर ने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा है। प्रेम या किसी रिश्ते में मिली असफलता को जीवन की हार मानकर नशे की ओर बढ़ना अपने भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने युवाओं से परिवार, मित्रों और शिक्षकों से संवाद बनाए रखने की अपील की विशाल कुमार ने पॉप कल्चर और बॉलीवुड में नशे के चित्रण पर चर्चा करते हुए कहा कि पर्दे की दुनिया को वास्तविक जीवन मानना खतरनाक हो सकता है। कार्यक्रम अधिकारी ज्ञान प्रकाश और किशन सिंह ने कहा कि नशामुक्त समाज के लिए युवाओं को स्वयं आगे आना होगा। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
संदेश दिया गया कि युवा शक्ति नशे में नहीं, बल्कि शिक्षा, हुनर और सकारात्मक सोच में है।
