गाजियाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उभरते हुए पैरा एथलीट चिराग त्यागी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से खेल जगत और स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जता रही है और मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, चिराग त्यागी का शव गाजियाबाद के साई उपवन में मिला। शव पर कमर और बगल के पास दो गंभीर घाव पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि ये चोटें गोली लगने या किसी नुकीले हथियार से किए गए हमले के कारण हो सकती हैं। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा था चिराग त्यागी का करियर
चिराग त्यागी गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर सेन्थली गांव के निवासी थे। वह पैरा एथलेटिक्स में तेजी से अपनी पहचान बना रहे थे और हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियों में आए थे।
इतना ही नहीं, चिराग ने अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई किया था। वह दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे और उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद की जा रही थी।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चिराग अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पिता मनोज त्यागी ने बेटे के खेल करियर को संवारने के लिए अपनी वर्षों की जमा पूंजी खर्च कर दी थी। यहां तक कि उन्होंने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी।
परिजनों का कहना है कि चिराग की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही परिवार का किसी से कोई विवाद था। ऐसे में उनकी संदिग्ध मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, मामले में हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले के खुलासे के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है और जांच हर पहलू से की जा रही है।
चिराग त्यागी की असामयिक मौत ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
