पुलिस और अपराधी के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और एक संदिग्ध अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। फतुहा थाना क्षेत्र में एनएच-30 से नियाजीपुर गांव जाने वाली ग्रामीण सड़क पर हुई इस घटना में पुलिस की जवाबी फायरिंग के दौरान शुभम उर्फ झामु के पैर में गोली लग गई। घायल शुभम को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल भी बरामद की है। मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और मामले की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, जिला सूचना इकाई (डीआईओ) और कदमकुआं थाने की पुलिस टीम शुभम उर्फ झामु का पीछा कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए वह एनएच-30 फोरलेन से निकलकर फतुहा थाना क्षेत्र के नियाजीपुर गांव की ओर जाने वाली ग्रामीण सड़क पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वह एक गोदाम के पास छिप गया।
पुलिस टीम के पहुंचने पर वहां गोलीबारी शुरू हो गई। आरोप है कि शुभम ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान गोली उसके पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे अपने कब्जे में लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस की इस कार्रवाई में कदमकुआं थानाध्यक्ष जन्मजय राय, एसआई अनिल कुमार और जिला सूचना इकाई की टीम शामिल बताई जा रही है। टीम संदिग्ध का पीछा करते हुए नियाजीपुर पहुंची थी। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों की आवाजाही बढ़ गई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जाने लगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद फतुहा के एसडीपीओ अवधेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल पर कैंप कर जांच की निगरानी कर रहे हैं। फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीण एसपी के भी घटनास्थल पर पहुंचने की सूचना है।
फिलहाल घायल शुभम उर्फ झामु का पीएमसीएच में इलाज चल रहा है। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और मौके से बरामद पिस्टल की जांच कर रही है। हथियार के इस्तेमाल, गोलीबारी की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर होना जरूरी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई पर अब सबकी नजर बनी हुई है।
