पटना में Gen-Z प्रदर्शन से गरमाया माहौल! गांधी मैदान से JP गोलंबर तक पुलिस का पहरा, बैरिकेडिंग पर भिड़े प्रदर्शनकारी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना में छात्र-युवा संगठनों के प्रस्तावित लोक भवन मार्च को लेकर मंगलवार को सियासी माहौल गरमा गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए प्रदर्शन के बीच गांधी मैदान में छात्र-युवाओं का जुटना शुरू हुआ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर राजभवन की ओर मार्च करने का ऐलान किया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। गांधी मैदान से लेकर जेपी गोलंबर तक पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। जब प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। पटना के डाकबंगला चौराहे, गांधी मैदान, एसपी वर्मा रोड और होटल मौर्य के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। गांधी मैदान के अंदर भी पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। जवान हेलमेट और बॉडी आर्मर पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहे, जबकि पुलिस की गाड़ियां लगातार मैदान में गश्त करती रहीं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को यातायात संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ता भोजपुर, बक्सर समेत बिहार के विभिन्न जिलों से पटना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाकर चुनाव आयोग के प्रति नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन में बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। संगठनों की प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना शामिल है। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और उसके पक्ष का भी आकलन जरूरी है। AISA के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन को लेकर आशंकित है, इसी वजह से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। धनंजय ने कहा कि पुलिस बल की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगें उठाने के लिए मार्च करेंगे। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर से आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा। एसडीपीओ मनोज कुमार के मुताबिक, मार्च के दौरान निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराया जाएगा। पटना के नए सेंट्रल एसपी चंद्र प्रकाश भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए मैदान में उतरे। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से प्रदर्शनकारी संगठनों को निर्धारित स्थल पर ही अपनी मांगें रखने की हिदायत दी गई है। प्रशासन का कहना है कि बिना पूर्व सूचना या निर्धारित अनुमति के अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। गर्दनीबाग के निर्धारित धरना स्थल से बाहर प्रदर्शन करने या जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक बढ़ते घटनाक्रम ने पटना में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन की दिशा को लेकर हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ छात्र संगठन मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया पर जवाब मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। ऐसे में आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच संवाद किस दिशा में बढ़ता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन, तथ्यों पर आधारित आरोप और कानून-व्यवस्था का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
