Friday, February 27, 2026
Homeउत्तर प्रदेशमिलकर करें राष्ट्र की आराधना: सामाजिक सद्भाव से ही बनेगा समर्थ भारत

मिलकर करें राष्ट्र की आराधना: सामाजिक सद्भाव से ही बनेगा समर्थ भारत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकासखंड सभागार में गुरुवार को सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत और समर्थ भारत की आधारशिला है।

सामाजिक एकता ही राष्ट्र की शक्ति

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कार्यवाहक शिवाकांत ने कहा कि समाज की संगठित शक्ति राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचा सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी वर्ग मिलकर राष्ट्र की आराधना करें और समाज को विभाजन से ऊपर उठाकर एकसूत्र में बांधें।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और समर्थ भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

शताब्दी वर्ष के तहत अभियान

यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे ‘पांच परिवर्तन एवं सामाजिक सद्भाव अभियान’ की श्रृंखला का हिस्सा था। इसी क्रम में सदर खंड में यह बैठक आयोजित की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गायत्री परिवार के राम प्रीत गुप्त ने की। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना मूल संस्कारों में समाहित है।

ये भी पढ़े – दिल्ली: राजधानी में महंगी हो सकती है शराब, लाइसेंस शुल्क 10% बढ़ा

युवाओं ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

संघ चालक साधू शरण शर्मा ने एकजुट समाज को विश्व पटल पर अग्रणी बनने की कुंजी बताया। खंड कार्यवाहक सुनील मिश्र ने नए और समर्थ राष्ट्र के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

बैठक में युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक सद्भाव, समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मजबूत समाज ही मजबूत राष्ट्र का आधार है, और निरंतर प्रयासों से ही भारत समर्थ व विकसित राष्ट्र बन सकता है।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/?m=1#google_vignette

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments