संसार में सत्य तो उस शारीरिक
शल्य चिकित्सा की तरह होता है,
जिससे घाव तो बनता है पर सदाके
लिए मर्ज़ का उपचार कर देता है।
असत्य कष्टनिवारक औषधि सा
होता है जो क्षणिक आराम देता है,
पर हमेशा के लिए कोई न कोई
दूसरा मर्ज़ शरीर को दे जाता है।
सत्य की सक्षमता ताक़त होती है,
जो इच्छाओं पर नियंत्रण करती है,
इच्छा इच्छा शक्ति सुदृढ़ करती है,
इच्छाशक्ति कर्तव्य प्रधान होती है।
कर्तव्य प्रधानता मानव जीवन में
आदित्य हम सबकी नियति होती है,
आओ कर्म करते रहें, फल की इच्छा
ईश्वर पर ही छोड़ना उचित होती है।
पूर्वांचल में निवेश और रोजगार को रफ्तार देने की तैयारी, 2500 करोड़ की UP-एज परियोजना…
लखनऊ में गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, एक महीने में…
फोटो स्थल व सांकेतिक कर्मा-धर्मा पूजा के बाद गंगा में नहाना पड़ा भारी, सात डूबने…
सांकेतिक पलामू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। झारखंड के पलामू जिले में करमा पर्व के दौरान…
आस्था कुंज दुष्कर्म मामले के बाद LSR कॉलेज में सुरक्षा अलर्ट, कक्षाएं ऑनलाइन नई दिल्ली…
https://twitter.com/shoaibJamei/status/2102541528044630125?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2102541528044630125%7Ctwgr%5Eac38023a5f57828b40c49625c4d8daf89271bf4b%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.prabhasakshi.com%2Fnational%2Fshalimar-bagh-madina-masjid-demolished-in-midnight-delhi-anti-encroachment-drive नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मंगलवार…