जब जब तिरंगा लहराएगा
सिर गर्व से उठ जायेगा,
संघर्ष, बलिदान और समर्पण की गाथा
हर घर में गाया जायेगा।
संविधान की महिमा बढ़ेगी
फैलेगी प्यार, समरसता और शांति,
सशक्त बनेगा हर एक नागरिक
गणतंत्रता की नई पहचान बनेगी।
देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता की
रक्षा करना हमारा धर्म है,
न भूलेंगे सेनानियों की कुर्बानियां
हमारा मार्ग भी कुछ ऐसा ही प्रशस्त है।
आइए, निभा लें हम अपनी भी जिम्मेदारी
बनकर एक तिनका नीड़ का,
दे जाए अपना भी योगदान
कहलाए हम भी वंशज किसी वीर का।
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया।…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर के मालवीय रोड ओवरब्रिज पर सोमवार को उस समय…
तेहरान/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर…
शामली (राष्ट्र की परम्परा)। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में शामली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी और 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बरहज विधानसभा क्षेत्र के विकास, बदहाल मोहन सेतु, सोनूघाट से बरहज…