व्हाट्सऐप ट्रेडिंग ग्रुप बना ठगी का हथियार, 2.7 करोड़ का साइबर फ्रॉड उजागर

लातेहार साइबर ठगी केस: 2.7 करोड़ की धोखाधड़ी में CID की बड़ी कार्रवाई, बंगाल से आरोपी गिरफ्तार

रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा से सामने आए एक बड़े साइबर ठगी मामले में CID की साइबर क्राइम थाना टीम ने अहम सफलता हासिल की है। इनवेस्टमेंट के नाम पर 2.7 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना से अभिषेक बेरा (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी थाना घोला अंतर्गत मुरागच्छा (सीटी), जगबेरिया का निवासी है।
CID ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, पांच डेबिट कार्ड और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेज दिया गया है।
व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ 2.7 करोड़ का साइबर फ्रॉड
पीड़ित व्यवसायी ने 16 दिसंबर 2025 को रांची स्थित CID साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दी गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, जहां आकर्षक ट्रेडिंग ऑफर और नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जा रहे थे।

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झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में करीब 2.07 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसमें पीड़ित के अपने पैसे के साथ परिजनों और दोस्तों की रकम भी शामिल थी। जांच के दौरान CID ने आरोपियों से जुड़े खातों में करीब 40 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।
नकली इनवेस्टमेंट ऐप और फर्जी ट्रेडिंग का जाल
CID के अनुसार, ठगी वित्तीय फर्जी संस्थाओं के नाम पर बनाई गई नकली इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप के जरिए की गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और गूगल एड के माध्यम से निवेश के झूठे विज्ञापन दिखाए जाते थे, जिनसे लोग आसानी से फंस जाते हैं।

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CID की चेतावनी: इन बातों का रखें खास ध्यान
इनवेस्टमेंट से जुड़े व्हाट्सऐप/टेलीग्राम लिंक पर क्लिक न करें।किसी अनजान लिंक से वेब पोर्टल या ऐप पर रजिस्ट्रेशन न करें।
इनवेस्टमेंट के नाम पर भेजे गए बैंक अकाउंट या UPI ID में पैसे जमा न करें।
निवेश हमेशा सरकार द्वारा अधिकृत एप्लीकेशन पर ही करें।फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठगी तेजी से संगठित अपराध का रूप ले रही है। सतर्कता और सही जानकारी ही इससे बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

Editor CP pandey

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