15 दिन की अमीन ट्रेनिंग से बदलेगा बिहार का राजस्व सिस्टम

बिहार में जमीन विवाद निपटारे की तैयारी तेज, 4904 राजस्व कर्मचारियों को अमीन का प्रशिक्षण अनिवार्य


पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। जमीन मापी, दाखिल-खारिज और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े लंबित मामलों को जल्द सुलझाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के सभी 4904 राजस्व कर्मचारियों को अमीन के कामकाज का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर 15 दिनों की अमीन ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है, जिसमें राजस्व कर्मचारी जमीन मापी से जुड़ी हर तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी हासिल करेंगे। इस प्रशिक्षण में पारंपरिक मापी पद्धति के साथ-साथ नए डिजिटल और तकनीकी उपकरणों की भी जानकारी दी जाएगी, जिससे जमीन मापी में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।

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सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि जमीन विवाद, दाखिल-खारिज और जमाबंदी निर्माण जैसे मामलों में देरी खत्म हो और आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देश जारी कर दिए हैं।
राजस्व कर्मचारियों की अहम जिम्मेदारियां
इस नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। उन्हें जमीन से जुड़े निम्नलिखित कार्यों में विशेष दक्षता हासिल करनी होगी—जमीन से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना
राजस्व वसूली की प्रक्रिया
भूमि स्वामित्व ट्रांसफर, दाखिल-खारिज और जमाबंदी निर्माण
संपत्ति और जमीन विवादों के समाधान में सहयोग
सरकारी जमीन की पहचान और जानकारी जुटाना
सरकार का मानना है कि जब राजस्व कर्मचारी अमीन के कार्यों को गहराई से समझेंगे, तो जमीन मापी से जुड़े विवादों का समाधान तेजी से संभव होगा।

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जनसंवाद में मंत्री की सख्त चेतावनी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा इन दिनों जनसंवाद कार्यक्रम के तहत जिलों का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में दरभंगा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने मंच पर रोते हुए अपनी पीड़ा बताई। महिला ने कहा कि वह दाखिल-खारिज के लिए पिछले एक साल से दफ्तरों के चक्कर लगा रही है और हर बार अवैध मांग की जाती है।
महिला ने बताया कि उसके पिता पैरालाइसिस से पीड़ित हैं और इलाज के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ उसके लिए भारी पड़ रही है। यह सुनते ही मंत्री विजय सिन्हा सख्त हो गए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मार्च तक व्यवस्था नहीं सुधरी तो नौकरी जाना तय है। उन्होंने मंच से साफ कहा— “यह अंतिम चेतावनी है, बहुत बेरोजगार खड़े हैं, सुधर जाइए।”

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जमीन सुधार से आम जनता को राहत
सरकार के इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलेगा। राजस्व कर्मचारियों को अमीन का प्रशिक्षण देने का यह कदम जमीन सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Editor CP pandey

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