गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के लोग मनाते है इनका ये एक महत्त्वपूर्ण त्योहार है ।
लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)
ईसाई धर्म के लोगों के लिए गुड फ्राइडे का दिन बेहद ही खास होता है । ईसाई धर्म के अनुसार गुड फ्राइडे के दिन ही प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। जिस कारण कई लोग गुड फ्राइडे वाले दिन शोक भी मनाते हैं। गुड फ्राइडे के दिन की गणना चांद के आकार और जूलियन कैलेंडर के आधार पर की जाती है। इस साल 18 अप्रैल 2025 को गुड फ्राइडे और 20 फरवरी 2025 को ईस्टर संडे मनाया जाएगा। इसे ग्रेट फ्राइडे, होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। विद्वानों का मत है कि यरुशलम या जेरूसलम में प्रभु यीशु के खिलाफ षड़यंत्र रचा गया और शुक्रवार को सूली पर लटका दिया गया। सूली पर लटकाने की घटना को गुड फ्राइडे के नाम से जानते हैं।
कैसे मनाते है गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे का पर्व मानव समाज को प्रेम, ज्ञान और अहिंसा का संदेश देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन ईसाई लोग काले रंग के कपड़े पहनकर प्रभु यीशु से अपने पापों के लिए क्षमा मांगते हैं और कई जगह प्रभु यीशु की पदयात्रा भी निकाली जाती है। इस दिन चर्च में कैंडल नहीं जलाई जातीं और न ही घंटियां बजाई जाती हैं। गुड फ्राइडे को लोग अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। गुड फ्राइडे को शाकाहारी और सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता है। क्रॉस को चूमकर प्रभु ईसा मसीह को याद करते हैं। इस दिन दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर के 3 बजे तक भगवान यीशु को याद किया जाता है।
इस दिन को क्यों कहते हैं गुड फ्राइडे
प्रभु ईसा मसीह, लोगों को मानवता, एकता और अहिंसा का उपदेश देकर अच्छाई की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे थे। धार्मिक अंधविश्वास करने वाले लोगों ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगा दिया। उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ा दिया गया। प्रभु यीशु के बलिदान की वजह से इस दिन को गुड फ्राइडे कहते हैं।
गुड फ्राइडे के तीसरे दिन जीवित हुए ईसा मसीह
गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी संडे को प्रभु ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए और 40 दिन तक लोगों के बीच उपदेश देते रहे। उनके दोबारा जीवित होने की घटना को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे को चर्च में उनके जीवन के आखिरी पलों को दोहराया जाता है और लोगों की सेवा की जाती है। यह शोक का दिन है। इस दिन चर्च एवं घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं।
गुड फ्राइडे से जुड़ी कुछ खास बातें-
. गुड फ्राइडे से करीब 40 दिन पहले ईसाई धर्म के लोग उपवास और व्रत का विधि-विधान से पालन करते हैं।
. गुड फ्राइडे वाले दिन प्रसाद के तौर पर मीठी रोटियां बांटी जाती हैं।
. इस दिन चर्च और ईसाई धर्म के लोगों के घरों से सजावट की वस्तुओं को ढक या हटा लिया जाता है, जबकि बरमूडा देश में इस दिन आसमान में पतंगे उड़ाई जाती हैं।
. क्यूबा, ब्राजील, कनाडा, जर्मनी, मेक्सिको समेत अन्य कई ईसाई परंपराओं को मानने वाले देशों में गुड फ्राइडे के दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है। इस दिन विदेशों में कई तरह के कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है।
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र के कोटवा देवरा गांव में बुधवार…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में किसानों के लिए खरीफ-2026 सीजन हेतु निःशुल्क बीज मिनीकिट…
दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने…
भलुअनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में संचारी रोगों से बचाव के लिए एक अप्रैल से…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त…
सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में…