मार्च 2023 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है विशेष टीकाकरण पखवाड़ा
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। खसरा और रूबेला उन्मूलन के साथ ही बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए पांच वर्ष तक सभी बच्चों का सात बार नियमित टीकाकरण जरूरी है। इसके लिए 20 जनवरी तक विशेष टीकाकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पखवाड़े में अन्य टीकों की सेवा के साथ साथ एमआर टीके से बच्चों को आच्छादित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा । इसी प्रकार फरवरी और मार्च माह में भी पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिले में एमआर टीके से वंचित 30365 बच्चे चिन्हित हैं।
उक्त बातें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्राथमिक विद्यालय भटवलिया पर सोमवार को अभियान के तहत सत्र का शुभारंभ करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बारह प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी है। खसरा और रूबेला संचारी रोग है, जिन्हें एमआर वैक्सीन की दो खुराक से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा पिछले माह मिजिल्स रूबेला उन्मूलन कार्यक्रम के सम्बंध में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 5.33 लाख परिवारों में सर्वे किया गया था। विशेष टीकाकरण पखवाड़े को सफल बनाने के लिए चिकित्सकों, कोल्ड चेन हैंडलर्स, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों तथा ब्लाॅक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर्स को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कहा एमआर उन्मूलन एवं सभी वैक्सीन रोधी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके तहत विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा । अभियान में टीकाकरण से वंचित बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा ।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि मिजिल्स खसरा नाम की बीमारी है, जिससे शरीर पर लाल चकत्ते या दाने निकल आते हैं। बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। मिजिल्स रूबेला ( एमआर) का टीका नौ माह पर तथा 16 माह पर बच्चों को लगाया जाता है। इसके अलावा जब भी टीकाकरण के लिए अभियान चलाया जाता है तो उस अभियान में भी जिसका टीका ड्यू है, उसका भी टीकाकरण जरूरी होता है। खसरे से प्रभावित बच्चों में अन्य बीमारियाँ जैसे डायरिया, कुपोषण और निमोनिया की भी दिक्कत हो जाती है। यदि किसी गर्भवती को रूबेला बीमारी हो जाती है जिसका लक्षण भी खसरे के समान होता है तो उससे पैदा हुए बच्चे में किसी न किसी प्रकार की दिव्यांगता होने की आशंका बनी रहती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुरेंद्र सिंह ने कहा खसरा और रूबेला उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उदासीन परिवारों को मनाने के लिए ब्लॉक रिस्पांस टीम, सुपरवाइजर तथा यूनिसेफ की टीम को लगाया गया है।
कार्यक्रम में अर्बन नोडल अधिकारी डाॅ.आरपी यादव, डबल्यूएचओ के एसएमओ डॉ अंकुर सांगवांग, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी लालबचन चौधरी, एएनएम अर्चना प्रमुख तौर पर मौजूद रहीं।
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