अनुसंधान एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने हेतु मिलकर काम करेंगे दोनों संस्थान
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा) महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) ने अनुसंधान एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) लखनऊ के साथ समझौता, ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर एमजीयूजी के कुलपति मेजर जनरल (डॉ.) अतुल वाजपेयी और लखनऊ स्थित राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने किया ।
इस एमओयू के तहत सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी आधारित अनुसंधान एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान के तहत वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवा शोधकर्ताओं की विशेषज्ञता व कौशल को बढ़ाने के लिए क्षमता विकास और विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, संस्थानों का लक्ष्य इस साझेदारी के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को विकसित और कार्यान्वित करना है।
कुलपति डॉ. अतुल वाजपेयी ने संस्थानों के बीच समझौते का स्वागत किया और इसे कृषि अनुसंधान और संबद्ध विज्ञान के विभिन्न विषयों में शैक्षणिक, अनुसंधान, और प्रशिक्षण गतिविधियों के प्रचार और साझा उद्देश्यों के प्राप्ति के लिए मील का पत्थर बताया। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की ओर से निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने शोध एवं कौशल विकास कार्यक्रमों, अनुसंधान और विकास पहलों के माध्यम से पूर्वांचल में पुष्पोद्पादन की उत्पादकता बढ़ाने की योजना भी साझा की।
समझौता करार का स्वागत करते हुए भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ जीएन सिंह ने कहा कि इस करार से पूर्वांचल के विद्यार्थी शोध के क्षेत्र में उन्मुख होंगे व किसानो की कृषि आधारित मूल समस्या का निराकरण होगा। इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर समझौता समन्वयक, कृषि संकाय अधिष्ठाता डॉ. विमल दूबे और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. श्रीकृष्ण तिवारी, डाॅ शरद श्रीवास्वत और डॉ मनीष भोयार आदि उपस्थित रहे।
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