Tuesday, February 24, 2026
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एक ही दिन दो आत्मघाती प्रयास, गांव में शोक और सवाल

एक ही प्रेम कहानी में उलझे दो युवक, ज़हर खाने से एक की मौत—दूसरा जीवन की जंग लड़ रहा,गांव में पसरा मातम, युवाओं के लिए चेतावनी और समाज के लिए गंभीर सवाल,युवाओं में मानसिक तनाव: समय रहते संवाद क्यों जरूरी?

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।तहसील क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को घटी हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्रेम प्रसंग में मानसिक दबाव और भावनात्मक असंतुलन के चलते एक ही दिन दो युवकों ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। दुर्भाग्यवश, एक युवक की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक समय पर उपचार मिलने से बच गया और फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों युवक लंबे समय से एक ही युवती के प्रेम में थे। प्रतिस्पर्धा, असमंजस और सामाजिक दबाव के कारण हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते चले गए। मंगलवार को किसी बात ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया। एक युवक ने अलग स्थान पर ज़हर खा लिया, जिसे ग्रामीणों की तत्परता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया, जिससे उसकी जान बच सकी।

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दूसरे युवक की हालत अधिक गंभीर थी। परिजन उसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे जांच की प्रक्रिया और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

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पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। समाजशास्त्रियों और ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव, संवाद की कमी और सही मार्गदर्शन के अभाव को उजागर करती है।

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यह त्रासदी युवाओं के लिए कड़ी चेतावनी है—प्रेम महत्वपूर्ण है, पर जीवन अमूल्य। असफलता या प्रतिस्पर्धा का समाधान आत्मघाती कदम नहीं, बल्कि संवाद, धैर्य और सही सलाह है। एक गलत निर्णय न सिर्फ एक जीवन, बल्कि कई परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लेता है।

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