विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में पेश किए आंकड़े
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) देश से बाहर बसने की चाहत में हर साल हजारों भारतीय अपनी नागरिकता छोड़ रहे हैं। वर्ष 2024 में अब तक 2 लाख से अधिक भारतीयों ने भारत की नागरिकता त्याग दी है। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
राज्यसभा में पूछे गए सवाल में यह जानना चाहा गया था कि साल 2024 में कितने भारतीय नागरिकों ने स्वेच्छा से भारत की नागरिकता छोड़ी है। इस पर विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि यह संख्या पिछले साल के लगभग समान है, हालांकि थोड़ी सी गिरावट जरूर दर्ज की गई है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकता छोड़ने वाले अधिकतर भारतीय वे हैं जो विदेशों में लंबे समय से रह रहे हैं और अब वहां की नागरिकता ले चुके हैं।
कुछ लोग विदेश में बेहतर रोजगार, जीवनशैली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश में भारत छोड़ते हैं।
भारत दुनिया का ऐसा देश है जहां से सबसे अधिक लोग प्रवास करते हैं। लाखों भारतीय दुनिया के विभिन्न देशों में रहते हैं।
हालांकि, इनमें से कई लोग सिर्फ प्रवासी के रूप में रहते हैं और भारत की नागरिकता बनाए रखते हैं। दूसरी ओर, बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जो स्थायी रूप से विदेशों में बसने के लिए भारतीय नागरिकता त्याग देते हैं।
हालांकि, इस बार का आंकड़ा 2023 के लगभग बराबर है, लेकिन इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई है, जो संकेत देता है कि प्रवास की प्रवृत्ति स्थिर बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि वैश्वीकरण के इस दौर में भारतीयों का बड़ा वर्ग विदेशों में बेहतर अवसरों की तलाश कर रहा है, और इसके चलते हर साल बड़ी संख्या में नागरिक भारत की नागरिकता छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
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