बीसवीं सदी के
दो ही महानतम अस्त्र रहे —
एक भारत के पास: अहिंसा
जिसे गाँधी ने चलाया
और दूसरा अमेरिका के पास:
परमाणु बम
जिसे ओपेनहाइमर ने चलाया।
यह अद्भुत था —
पर अंत और भी गूढ़ निकला।
जब गाँधी की अहिंसा ने
दुनिया को राह दिखाई —
तब ओपेनहाइमर ने भी
शान्ति का सन्देश सुनाया
हथियारों को बाँध दिया नियमों में
मानवता की बात उठाई।
–प्रतीक झा ‘ओप्पी’
चन्दौली, उत्तर प्रदेश
फोटो Ai निर्मित मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिजली विभाग की एक कथित विभागीय गलती…
फोटो X योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! आपदा में मौत पर अब ₹8…
यतीन्द्र मिश्र की रिपोर्ट गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर महोत्सव-2027 को यादगार, भव्य और सुव्यवस्थित…
6 नवंबर जन्मदिन विशेष: भाविना पटेल से यशवंत सिन्हा तक, जानिए उन शख्सियतों की कहानी…
6 नवंबर का इतिहास: 6 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: इतिहास के पन्नों में दर्ज वे…
Ai निर्मित धनतेरस 2026: धन, आरोग्य और दीर्घायु का महापर्व! जानिए भगवान धन्वंतरि की पूजा,…