सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद का सलेमपुर नगर इन दिनों जाम की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है। नगर में प्रवेश करते ही घंटों तक चलने वाला जाम अब लोगों के लिए एक असहनीय समस्या बन गया है। चाहे कोई कार्यालय, तहसील, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जाना हो — हर दिशा में जाम की वजह से लोगों को समय से पहले घर से निकलना पड़ता है, फिर भी गंतव्य तक समय से पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं।
देवरिया की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को सलेमपुर कोतवाली से आगे बढ़ते ही जाम का सामना करना पड़ता है। स्टेट बैंक से लेकर सोहनाग मोड़, ब्रिज पार कर हरैया से मझौली मोड़ तक पहुंचने में अक्सर घंटे लग जाते हैं। इस मार्ग पर सुबह से लेकर देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। छोटे वाहन, बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग किसी तरह रास्ता निकालने की कोशिश करते हैं, जबकि भारी वाहनों के बीच निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
गंभीर स्थिति तब और बन जाती है जब किसी आपातकालीन सेवा का वाहन, जैसे एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड, इस जाम में फंस जाता है। कुछ दिन पहले ऐसी ही एक दर्दनाक घटना हुई थी जब सलेमपुर गांधी चौक के पास एक एम्बुलेंस जाम में फंस गई। एम्बुलेंस में सवार एक गंभीर रूप से बीमार युवती को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। परिजनों ने विवश होकर युवती को एम्बुलेंस से उतारा और हाथों में उठाकर सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया। यह दृश्य नगरवासियों के लिए झकझोर देने वाला था।
सलेमपुर नगर की यह स्थिति उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के बिल्कुल विपरीत है, जहां सुचारू यातायात और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है। बावजूद इसके, नगर प्रशासन और स्थानीय निकाय जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। नगर में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए न तो पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात हैं और न ही किसी वैकल्पिक मार्ग का निर्माण हुआ है।
नगर के व्यापारी, छात्र और आम नागरिक रोजाना इस समस्या से त्रस्त हैं। तहसील जाने वाले लोगों को अपने मुकदमों की सुनवाई के लिए समय से पहले निकलना पड़ता है, फिर भी जाम के कारण अक्सर देर हो जाती है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अपनी ट्रेन छूटने का डर सताता रहता है।
सलेमपुर नगर की गलियां और मुख्य मार्ग अब इतने संकरे हो चुके हैं कि फुटकर दुकानें, ठेले और अतिक्रमण के कारण वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती। गांधी चौक से लेकर स्टेशन रोड तक हर रोज जाम का वही दृश्य देखने को मिलता है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।
फिलहाल सलेमपुर की जनता “जाम” नामक इस स्थायी अभिशाप से मुक्ति की प्रतीक्षा में है। जब तक नगर प्रशासन सक्रिय कदम नहीं उठाएगा, तब तक सलेमपुर का यातायात संकट यूं ही आम जनता की परेशानियों को बढ़ाता रहेगा।
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