छत्रपति संभाजी महाराज का वृहद इतिहास बच्चों को पढाये जाने की जरूरत

मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
नवी मुम्बई के सेक्टर 19 में प्रबुद्धवर्ग की उपस्थिति में सौराष्ट्र भारत दैनिक के शाखा कार्यालय पर अचानक छावा चलचित्र पर चर्चा आरम्भ हो गई, जिसमें यह बात स्पष्ट हो गई कि इतिहासकारों ने इतने महान नायक के बारें स्कूलों में नही पढाया गया , उनकी वीरगाथा से बंचित रखना सही शिक्षा का अपमान ही कहा जायेगा ।यह बात आईडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक राकेश सिंह ने व्यक्त किया ।
उन्होंने आगे बताया कि भारत की धरा पर शौर्यता की एक लम्बी श्रृंखला रही है जिसमें सम्राट अशोक महान, शौर्यता की पराकाष्ठा महाराणाप्रताप , पृथ्वीराज चौहान ,छत्रपति शिवाजी महाराज ,छत्रपति संभाजी महाराज और भी महान नायकों की श्रृंखला रही है, जिनके बारे में स्कूलों में वृहद रूप से पढाये जाने की नितांत आवश्यकता है। जिससे नई पीढ़ी एक समृद्ध एवं वीरगाथा के ज्ञान से गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके । इन शूरवीरों के सामने मुगलवंशीय एक भी राजा का इतिहास उतना महत्व नही रखता । क्योकि एक तरफ चरित्रवान ,मानवतावाद के पोषक ,प्रजा को संतान की तरह मानने वाले राजा हैं दूसरी तरफ धज्जियाँ उडाने वाले राजा हैं जिनका इतिहास क्रूरता की पराकाष्ठा रही है ।आईडियल पत्रकार संघठन महाराष्ट्र के महासचिव संजय राय के अनुसार मराठों का समृद्ध इतिहास तोडमरोडकर हमारे सामने लाया गया ।जिससे वास्तविकता हमारे सामने न आई ।लेकिन अब सरकार को चाहिए कि नये सिरे से जानकारी एकत्र कर वास्तविक इतिहास ही सामने लाया जाय । प्रबंधक संजीव सिंह के अनुसार भारत में एक से बढ़कर एक राजा हुए हैं जिनका उल्लेख इतिहास में बहुत कम ही बताया गया है ।अच्छा हो कि सरकार नये सिरे से इतिहास की जानकारी शामिल कर विद्यालय में पढाये ।इस चर्चा गोष्ठी में अन्य कई उपयोगी जानकारी मिली जो भारत के शूरवीरों के बारें में शामिल करने की जरूरत है। सतना के जिलासचिव सुरेश कुमार गुप्ता ने प्रदेशस्तरीय राजाओ की जानकारी से बच्चों तक पढाने की नितांत आवश्यकता है जिससे बच्चें प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करते समय ही सही जानकारी लेकर गौरवपूर्ण इतिहास समझ सकें । समाजसेवी नागेश सिंह ने छावा फिल्म को हर भारतीय और परिवार के साथ बच्चों को देखने की जरूरत बताई तथा सरकार को यथाशीघ्र करमुक्त प्रदर्शन की बात उठाई जिससे हर भारतीय इस फिल्म को देखकर कुछ ग्रहण भी कर सकें । आईडियल पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ने इस अवसर पर बताया कि पहले महाराष्ट्र की सरकार इस छाया चलचित्र को कर मुक्त करे ताकि दूसरे राज्य भी करमुक्त करने का विचार बनायें। महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज को बहादुरी के लिए शेर और दूरदर्शी राजा ( जाणता राजा) कहा जाता है ।उनके ही पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज हैं जिनका इतिहास इस चलचित्र में दर्शाया गया है। वास्तव में देखा जाय तो मुगलों की सोंच से आगे की सोंच रखने वाले ऐसे राजा रहें हैं जिनकी सैन्य शक्ति कम होते हुए भी इतने बडे बडे बादशाहों को महाराष्ट्र की धरती पर पैर जमाने नही दिया । हर भारतीय को भारत का गौरवपूर्ण इतिहास अवश्य जानना चाहिए ।पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ.नितिन शिंदे ने बताया कि महाराज की जन्मस्थली मेरे गाँव के करीब ही शिवनेरी पुणे है जिसका मुझे गर्व है ।उनके आदर्शों पर चलकर ही कोई समाज में नाम कमा सकता है उन्होंने समाज के सभी वर्गों को सम्मान दिया जिससे वे हम सबके हृदय में विराजमान हैं । ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है उनका चरित्र जो मिसाल के तौर पर आज भी दी जाती है। शत्रुओ के पक्ष से प्राप्त की गई महिला गौहरबानू के आबरू पर बिना ऑच आऐ उसे सम्मान सहित सुरक्षित भेजा और उसे माता भी कहा,कहा कि आपकी सुन्दरता से मेरी ईच्छा है कि काश मै आपकी कोख से जन्म लेता तो कितना सुंदर होता ?ऐसे हमारे पूर्वज रहे।

rkpnews@desk

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