भाजपा की ऐतिहासिक जीत: रितु तावड़े बनीं बीएमसी की निर्विरोध महापौर, ठाकरे युग का अंत
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। भाजपा पार्षद रितु तावड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की निर्विरोध महापौर चुना गया है। यह पिछले चार दशकों में पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंची है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा महापौर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का लगभग 25 वर्षों का वर्चस्व समाप्त हो गया।
महापौर चुनाव के साथ ही शिवसेना नेता संजय घड़ी को उप महापौर चुना गया है। इस घटनाक्रम को मुंबई की स्थानीय राजनीति में सत्ता संतुलन बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
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घाटकोपर पश्चिम क्षेत्र से तीन बार की पार्षद रहीं 53 वर्षीय रितु तावड़े जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव रखती हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, रितु तावड़े एक सक्रिय और जनसंपर्क से जुड़ी हुई नेता हैं, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता और स्थानीय नागरिकों के साथ मजबूत संबंधों के कारण अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने वर्ष 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बीएमसी में प्रवेश किया था। इसके बाद 2017 में वार्ड 121 (घाटकोपर) से पुनः जीत दर्ज की। हाल ही में 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने वार्ड 132 से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति और मजबूत कर ली।
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पार्षद के रूप में कार्य करने के साथ-साथ रितु तावड़े बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए।
227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव परिणामों की बात करें तो भाजपा ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं। इस तरह 118 पार्षदों के समर्थन के साथ भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर पद पर आसानी से कब्जा कर लिया।
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वहीं, शिवसेना (यूबीटी) जिसे 1997 से लगातार 25 वर्षों तक मुंबई नगर निगम पर शासन का अनुभव रहा है, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को केवल 1 सीट मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रितु तावड़े का बीएमसी महापौर बनना न केवल भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह मुंबई की नगर राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी देता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि उनके नेतृत्व में बीएमसी विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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