आरा(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को आरा में आयोजित ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की रैली में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्वयं को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने नीतीश को “नकलची मुख्यमंत्री” करार देते हुए आरोप लगाया कि वे उनकी नीतियों की नकल कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।

तेजस्वी की इस घोषणा के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के भीतर भी इस बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि कांग्रेस और वाम दलों के साथ समन्वय की प्रक्रिया अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

तेजस्वी के इस बयान पर केंद्र की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का वहां (बिहार में) कोई महत्व नहीं है… वहीं, तेजस्वी यादव बिना किसी सलाह-मशविरा के घोषणाएं कर देते हैं। इससे पता चलता है कि उनका क्या महत्व है।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि तेजस्वी यादव का यह ऐलान 2025 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बयान से महागठबंधन की आंतरिक राजनीति और गठबंधन समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

बिहार की राजनीति में पहले से ही भाजपा, जदयू और महागठबंधन के बीच सत्ता समीकरण जटिल बने हुए हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह कदम आगामी चुनावी रणनीति को और दिलचस्प बना रहा है।