इक्कीसवीं शताब्दी काछब्बीसवाँ साल आ चुका है,आध्यात्मिकता का स्थान,भौतिकता ने ले लिया है,भारतीय सभ्यता औरहमारी सनातन संस्कृति मेंपाश्चात्य की आधुनिकताका…
जीवन में प्रतिपल धैर्य रखकर अपनाकर्तव्य पालन निरंतर करना होगा,क्योंकि उचित समय आने पर हीकिसी भी कर्म का फल प्राप्त…
माँ की गोद, पिता की छत्रछाया में,जग के सारे तीरथ धाम बसते हैं,माता-पिता की निशिदिन सेवा से,तीनों लोकों के सारे…
किसी के बोल में मिठास होती है,पर उसकी नियत में खोट होती है,किसी किसी के बोल कड़वे होते हैं,पर उनकी…
ज़िन्दगी का तराना कभी भीअपना स्वरूप बदल देता है,इसलिए हमें किसी तरह काअभिमान शोभा नहीं देता है। जब सफलता बुलंदियों…
वादा करो कि बेलन का उपयोगचपाती बनाने के लिये ही करोगी,वादा दिवस, पति देव की कहानीसुनिये कहानी उन्हीं की ज़ुबानी।…
शिशुपन, बचपन, यौवन बीत गया,चौथा पन भी अब मेरा बीत रहा है,जीवन एक एक पल घटा जा रहा है,जैसे जैसे…
पुणे (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर गुरुवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो कॉलेज छात्रों की…