जब मौत ने कहा—“मैं तो मजाक कर रही थी!”
अस्पताल में कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो चिकित्सा व्यवस्था की गंभीरता के बीच सवाल भी खड़े करती हैं और व्यंग्य का विषय भी बन जाती हैं। रीवा…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
अस्पताल में कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो चिकित्सा व्यवस्था की गंभीरता के बीच सवाल भी खड़े करती हैं और व्यंग्य का विषय भी बन जाती हैं। रीवा…
दिल्ली जाइए: स्वर्ग का रास्ता दिल्ली होकर जाता है व्यंग्य – संजय पराते आजकल हमारे देश में सब काम भगवान भरोसे चल रहा है। भगवान भरोसे इसलिए कि दुनिया के…
✍️ नवनीत मिश्र हिंदी साहित्य में बाबू गुलाबराय का स्थान एक ऐसे लेखक के रूप में सुरक्षित है, जिन्होंने निबन्ध और व्यंग्य को बौद्धिक गहराई तथा नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ा।…