अहंकार: व्यक्ति और समाज के पतन का कारण
मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर देता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इस सत्य के साक्षी…
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मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर देता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इस सत्य के साक्षी…
पुनीत मिश्र महादेव गोविंद रानाडे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान चिंतकों और समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग किया।…