Tag: नीतियों की कमजोरी और नारेबाज़ी

नारे गूंजे, नीतियां डगमगाईं: विकास की राह में क्यों उलझा शासन का असली एजेंडा?

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा) भारतीय लोकतंत्र में नारे अक्सर जनभावनाओं को जगाने का आसान साधन बने हैं, लेकिन जब शासन की दिशा नीतिगत मजबूती के बजाय नारेबाज़ी पर…