Tag: कथा वाचन

त्याग, तपस्या और समर्पण से ही भगवान की प्राप्ति संभव: किशोरी शरण जी महाराज

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान स्वयं साक्षात यज्ञ हैं और समिधा भी। संसार का कोई भी कार्य ईश्वर की कृपा और भूमिका के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। इसलिए मनुष्य…