
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बहुजन राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा और सपा दोनों पर ही निशाना साधते हुए पूजा पाल प्रकरण को लेकर बड़ा बयान दिया है। मौर्य ने कहा कि भाजपा पूजा पाल को सिर्फ एक “हथियार” की तरह इस्तेमाल कर रही है और उनकी पार्टी की हमेशा से “यूज एंड थ्रो” (Use & Throw) की नीति रही है।
उन्होंने कहा— “भाजपा पूजा पाल का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जब काम पूरा हो जाएगा तो उन्हें दूध में मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया जाएगा। भाजपा में पिछड़े वर्ग की हैसियत कभी भी गुलाम से ज्यादा नहीं रही।”
मौर्य ने यह भी याद दिलाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पूजा पाल पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे। इसी बिंदु पर उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा— “सपा ने पूजा पाल को पार्टी से निकालने में एक साल से ज्यादा का समय लगाया, यह पार्टी की बड़ी गलती थी। अखिलेश यादव पर पूजा पाल क्यों आरोप लगा रही हैं, इसका जवाब तो वही खुद बेहतर दे सकती हैं।”
स्वामी प्रसाद मौर्य के इन बयानों ने न केवल भाजपा बल्कि समाजवादी पार्टी के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा में शामिल होने के बाद पूजा पाल के इर्द-गिर्द सियासी बहस तेज हो गई है और विपक्षी दल इसे “सामाजिक न्याय” और “बैकवर्ड की उपेक्षा” से जोड़कर जनता के बीच भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।