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24 फरवरी से शुरू होगा अनुपूरक पुष्टाहार वितरण अभियान

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में जनवरी 2026 के अनुपूरक पुष्टाहार वितरण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे ने बताया कि जनवरी माह के लिए पुष्टाहार की आपूर्ति एजेंसी नेफेड द्वारा पूरी कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सामग्री परियोजना कार्यालयों तक पहुंचा दी गई है, जबकि नगरीय क्षेत्रों में सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की गई है।

प्रशासन के अनुसार लाभार्थियों को 24 फरवरी 2026 को पुष्टाहार वितरित किया जाएगा। यदि किसी कारणवश उस दिन वितरण पूर्ण नहीं हो पाता है या किसी केंद्र का अतिरिक्त प्रभार अन्य कार्यकत्री के पास है, तो 25 फरवरी 2026 को वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनपद की सभी प्रमुख बाल विकास परियोजनाओं—रामकोला, खड्डा, सुकरौली, हाटा, कसया, दुदही, पडरौना और फाजिलनगर—में एक साथ वितरण कार्यक्रम आयोजित होगा। ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के लाभार्थियों को उनके संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

विभाग ने चरणबद्ध रणनीति के तहत पहले ग्रामीण परियोजनाओं में सामग्री परियोजना कार्यालयों तक पहुंचाई, इसके बाद स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराई गई। नगरीय क्षेत्रों में सीधी आपूर्ति आंगनबाड़ी केंद्रों पर की गई है, जिससे समयबद्ध और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित हो सके।

वितरण के दौरान एफआरएस प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुष्टाहार वास्तविक पात्रों तक ही पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। वितरण स्थल पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं स्वयं सहायता समूह की उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी।

लाभार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें, संबंधित ग्राम प्रधान एवं सभासदों को सूचना दें तथा वितरण तिथि और स्थान की जानकारी समय से साझा करें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। वितरण स्थल पर साफ-सफाई बनाए रखना, सूची के अनुसार सामग्री देना, डिजिटल सत्यापन के बाद ही आहार प्रदान करना और शिकायत की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कार्मिक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

अनुपूरक पुष्टाहार योजना के तहत गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे तथा कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को लाभ दिया जाता है। योजना का उद्देश्य कुपोषण की समस्या को कम करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना है।

जनपद स्तर पर अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और परियोजना अधिकारियों को वितरण की रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शी व्यवस्था, डिजिटल सत्यापन और सख्त निगरानी के साथ यह अभियान कुपोषण के खिलाफ प्रभावी पहल साबित होगा।

rkpNavneet Mishra

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