अम्बर से उड़ उड़कर भँवरा
जब धरती पर आता है,
देख देख सुनहरे बाग को,
भ्रमर वहीं मँडराता है,
कुसुमित पुष्पों की सुरभित,
कलियों पर जा जाकर,
प्रेमगीत गुनगुनाता है, हृदय से
निकला मधुर गीत गाकर,
छुप जाता है अक्सर भँवरा,
कलियों में लजा लजाकर।
आया वसन्त प्रेम गीत गाकर।

गेंदा, गुलमेहंदी गमकें, रात में
सुस्तायें महक बिखराकर,
वन उपवन एहसास दे रहे,
बहती पवन मधुरम् पावन,
चहकें चिड़ियाँ प्यारी सी बेला में
आदित्य गीत गा गाकर,
वीणावादिनि का सरगम, आया
यौवन श्रृंगार सजा सजाकर।
आया वसन्त प्रेम गीत गाकर।

•कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpnews@desk

Recent Posts

यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर चार्ज के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा का प्रदर्शन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंशा के अनुरूप…

40 minutes ago

सिकंदरपुर में सुभासपा का चुनावी शंखनाद करने की तैयारी, 25 अक्टूबर को होगा संगठन विस्तार समीक्षा कार्यक्रम

डॉ. अरविंद राजभर के प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डाक बंगले में हुई…

47 minutes ago

नगर निकायों के विकास कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, चार अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश

सुधार नहीं होने पर पूरे माह का वेतन रोकने की चेतावनी, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता…

1 hour ago

आंगनबाड़ी केंद्र पर दर्ज थी 40 बच्चों की उपस्थिति, मौके पर मिले केवल 10

जिलाधिकारी ने विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश देवरिया…

1 hour ago

ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच का डीएम ने किया निरीक्षण

एफएलसी कार्य में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी…

1 hour ago