मणिकर्णिका घाट विवाद पर सपा का बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। डिंपल यादव ने मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ मामला, संसद की कार्यवाही और केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ मामला: पीएम मोदी पर उठे सवाल

डिंपल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट पर जिस तरह से बुलडोजर चलाया गया, वह बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में न केवल घाट को नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि मंदिरों को ध्वस्त किया गया और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को खंडित किया गया।
डिंपल यादव ने कहा कि संभव है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ही न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी मणिकर्णिका घाट विवाद पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
उनका कहना था कि मणिकर्णिका घाट सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे स्थल पर इस तरह की कार्रवाई से आम जनमानस आहत हुआ है।

“हम चाहते हैं कि सदन चले” – संसद गतिरोध पर डिंपल यादव

संसद में विपक्ष के हंगामे और कार्यवाही बाधित होने के सवाल पर डिंपल यादव ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि सदन चले।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सभी प्रमुख दलों को देश के सामने सच्चाई रखने का मौका मिलना चाहिए।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शायद नहीं चाहती कि मणिकर्णिका घाट विवाद की सच्चाई देश के सामने आए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर संसद में बोलेंगे, तो उन्होंने कहा— “कल देखेंगे।”

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केंद्रीय बजट 2026 पर सपा सांसद की तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर डिंपल यादव ने इसे पूरी तरह निराशावादी बजट करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी खास नहीं है।
डिंपल यादव के अनुसार—

• बजट में महिलाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं

• युवाओं के रोजगार को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं

• विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कोई मजबूत नीति नहीं

• बजट की भाषा अत्यधिक तकनीकी है, जिसे आम नागरिक समझ नहीं सकता

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा बजट लाना चाहिए था जो आम लोगों की ज़िंदगी से जुड़ा हो, न कि केवल आंकड़ों और शब्दों का खेल।

राजनीतिक मायने और आने वाले असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी मणिकर्णिका घाट विवाद अब सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है।
यह मामला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ गया है।

डिंपल यादव के बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की रणनीति बना रही है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की चुप्पी को विपक्ष एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना सकता है।

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Karan Pandey

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