नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने राम नवमी पर देशवासियों को श्रीराम जन्मोत्सव पर्व की शुभकामनाये देते हुए उनसे राम राज्य स्थापना का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम का जन्म पृथ्वी पर आसुरी शक्तियों के विध्वंस और मानव कल्याण के लिए हुए था। भगवान राम ने रावण की राक्षसी सेना का मर्दन कर मानव कल्याण और राष्ट्र रक्षा – धर्मरक्षा का मार्ग प्रशस्त किया और राम राज्य की स्थापना की। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशवासियों के नाम अपने संदेश में कहा कि वर्तमान कलयुग में भी जेहाद, आतंकवाद, तुष्टिकरण और सनातन विरोधी शक्ति रूपी अनेक रावण मानवता और सनातन धर्म पर निरंतर प्रहार कर रहे हैं। राम नवमी का पर्व ऐसी आसुरी शक्तियों का शस्त्र और शास्त्र धारण कर अंत करने और रामराज्य की स्थापना करने का संकल्प लेने का पर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने जिस प्रकार वनवास गमन के समय अपना राज्य, धन , सुख और ऐश्वर्व सहित सर्वस्व त्याग दिया, किंतु अपने अपने अपने शास्त्र जान और शस्त्र धनुष बाण का त्याग नहीं किया और दोनों को साथ लेकर वन गए। शास्त्र और शस्त्र के बल पर ही भगवान राम ने रावण की लंका को नेस्तनाबूद कर धर्म और मानवता की रक्षा की। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि सनातनी नागरिक शास्त्र और शस्त्र से विमुख होकर जेहाद, आतंकवाद, तुष्टिकरण और सनातन विरोधी शक्तियों को पनपने का अवसर देकर मानवता और धर्म के लिए संकट उत्पन्न कर रहे हैं। बी एन तिवारी ने सनातन समाज से पुनः शास्त्र और शस्त्र धारण कर भगवान श्रीराम के समान ही भारत भूमि को जेहाद, आतंकवाद, तुष्टिकरण और सनातन विरोधी शक्तियों से मुक्त करवाने तथा मानवता और धर्म की रक्षा करते हुए रामराज्य की स्थापना का संकल्प लेने का आह्वान किया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने भी देशवासियों को श्री राम जन्मोत्सव की शुभकामनाये दिए हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही भारत पुनः विश्वगुरु का खोया गौरव प्राप्त कर सकता है। उन्होंने समग्र सनातनी समाज से हिन्दू महासभा से जुड़कर शास्त्र और शस्त्र धारण कर देश को भयमुक्त, भूखमुक्त, गरीबीमुक्त और संस्कारयुक्त बनाने का आह्वान किया। हिन्दू पत्रकार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राकेश वशिष्ठ और उपाध्यक्ष अजय उपाध्याय ने रामनवमी पर अपने संदेश में कहा कि रामराज्य में जातिवाद और मानव जाति में भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं था। हम भारत में जाति व्यवस्था मिटाकर समरस सनातन समाज के माध्यम से ही रामराज्य स्थापना की संकल्पना को साकार कर सकते हैं।
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