यूपी में मानसून का कहर: 21 घंटे में लखनऊ में 125.8 मिमी बारिश, कई जिलों में बाढ़ का खतरा; तेज हवाओं से फसलों को नुकसान
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ शनिवार को कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो गया। राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह तक पिछले 21 घंटे के दौरान 125.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश और तेज हवाओं से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
दक्षिण-पूर्वी यूपी की ओर बढ़ रहा दबाव
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे इसका केंद्र प्रयागराज से करीब 230 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम शनिवार शाम तक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए सक्रिय रह सकता है। इसके बाद अगले करीब 12 घंटे में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अयोध्या में रामपथ से सरयू क्षेत्र तक असर
तेज बारिश और हवाओं का असर अयोध्या में भी देखने को मिला। रामपथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में लोगों के आवागमन पर असर पड़ा। बारिश के बीच मंदिरों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को पानी और तेज हवा के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक श्रद्धालु के मुताबिक बारिश के बावजूद लोग मंदिर पहुंच रहे हैं, लेकिन तेज हवाओं और सड़कों पर पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की चिंता
ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगह खड़ी फसलों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा तो खेतों में जलभराव से नुकसान और बढ़ सकता है।
कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
प्रशासन ने प्रदेश के कई जिलों को अचानक बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील माना है। इनमें आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट समेत कई जिले शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों का दौरा करने और राहत एवं बचाव व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। रेड अलर्ट वाले जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने खुले स्थानों, पेड़ों और जलाशयों के आसपास जाने से सावधानी बरतने को कहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जलभराव की स्थिति में सतर्क रहने की अपील की गई है।
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