किशोरी के शव को ‘हल’ पर बांधकर ले जाने की तस्वीर वायरल, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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रोहतास (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के रोहतास जिले के बड्डी थाना क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने शवों के सम्मानजनक परिवहन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डूमरखोह जंगल स्थित एक पुराने कुएं से बरामद 16 वर्षीय किशोरी के शव को एंबुलेंस या सरकारी वाहन के बजाय ट्रैक्टर के पीछे लगे कृषि यंत्र ‘हल’ पर बोरे में बांधकर सासाराम सदर अस्पताल ले जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि शव को करीब 20 किलोमीटर की दूरी इसी तरह तय करनी पड़ी।
मृतका की पहचान लक्ष्मी कुमारी के रूप में बताई जा रही है। वह बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के मानी गांव की रहने वाली थी। जानकारी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उसने बड्डी थाना क्षेत्र के विश्रामपुर निवासी पिंकू बिंद से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह अपने पति के साथ डूमरखोह जंगल के आसपास रह रही थी।
पुराने कुएं में मिला किशोरी का शव
बताया गया है कि डूमरखोह जंगल में मौजूद एक पुराने कुएं से लक्ष्मी का शव बरामद किया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई।
इसी दौरान शव को अस्पताल तक पहुंचाने के तरीके की तस्वीर सामने आई। इसमें शव को बोरे में बांधकर ट्रैक्टर के पीछे लगे लोहे के कृषि उपकरण पर रखा हुआ बताया जा रहा है। इसी माध्यम से शव को करीब 20 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल ले जाने की बात कही गई है।
शव ले जाने की तस्वीर से उठे सवाल
घटना की तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर शवों के परिवहन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके शव को अस्पताल अथवा पोस्टमार्टम केंद्र तक सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
हालांकि, घटना के समय एंबुलेंस या सरकारी वाहन उपलब्ध था या नहीं और शव को कृषि उपकरण पर ले जाने की नौबत क्यों आई, इसकी आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों की जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
प्रेम विवाह के करीब दो महीने बाद मौत
लक्ष्मी की शादी पिंकू बिंद से करीब दो महीने पहले होने की जानकारी सामने आई है। शादी के बाद वह विश्रामपुर निवासी पिंकू के साथ डूमरखोह जंगल के आसपास रह रही थी। अब उसी क्षेत्र के पुराने कुएं से उसका शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
किशोरी की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य परिस्थिति में हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस द्वारा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल शव की बरामदगी से अधिक उसके परिवहन के तरीके को लेकर उठ रहा है। कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले ‘हल’ पर शव को ले जाने की तस्वीर ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध आपातकालीन एवं शव परिवहन व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा छेड़ दी है।