उबर कैब में महिला से यौन उत्पीड़न: चालक और दो अज्ञात युवकों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, जांच जारी

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। घाटकोपर की रहने वाली 28 वर्षीय महिला के साथ एक उबर कैब में यात्रा के दौरान कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार रात की है, जिसकी जानकारी पुलिस द्वारा दी गई।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पति नौसेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में सरकारी आवास न मिलने के कारण नौसेना के आवासीय परिसर में रह रहे हैं, जबकि महिला घाटकोपर में अकेली रहती है। गुरुवार रात को दंपति ने दक्षिण मुंबई के एक रेस्तरां में डिनर किया था, जिसके बाद पति ने महिला के लिए उबर कैब बुक की थी।

कैसे हुआ हादसा?

करीब रात 11:15 बजे, महिला कैब में सवार होकर घर के लिए रवाना हुई। शुरू में यात्रा सामान्य रही, लेकिन करीब 25 मिनट बाद ड्राइवर ने अचानक रास्ता बदल दिया और कैब में दो अज्ञात युवकों को बिठा लिया। महिला के अनुसार, उनमें से एक युवक, जो उसके बगल में पिछली सीट पर बैठा था, ने उसे अनुचित तरीके से छुआ।

जब महिला ने विरोध करते हुए चिल्लाया, तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कैब चालक ने इस पूरे घटनाक्रम में कोई हस्तक्षेप नहीं किया और चुपचाप वाहन चलाता रहा।

पुलिस देखकर भागे आरोपी

महिला ने बताया कि कुछ दूरी आगे चलने के बाद जब हाईवे पर पुलिस चेकिंग दिखी, तो दोनों आरोपी युवक कैब से उतरकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद ड्राइवर ने महिला को उसके घर पर छोड़ दिया। जब महिला ने ड्राइवर से पूछताछ की कि उसने अजनबियों को कैब में क्यों बैठाया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।

शिकायत और पुलिस की कार्रवाई

अगली सुबह महिला ने अपने पति को इस भयावह अनुभव के बारे में बताया, जिसके बाद दंपति ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उबर कैब चालक और दोनों अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1) (यौन उत्पीड़न), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच जारी

पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ कर दी गई है। आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और उबर से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। महिला का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसे हरसंभव सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं की निगरानी प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाती है।

Editor CP pandey

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