आधुनिक होंगे जिले के सात पशु अस्पताल, पशुपालकों को मिलेगी बड़ी राहत

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद के पशुपालकों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। जिले के तीन दशक पुराने और जर्जर हो चुके सात राजकीय पशु अस्पतालों के नवनिर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इन नए भवनों के निर्माण से जिले में पशु चिकित्सा सेवाएं आधुनिक होंगी और करीब 70 हजार पशुओं को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। शासन की पहल पर पशुपालन विभाग ने बीते वर्ष जर्जर पशु अस्पतालों की पहचान कर रिपोर्ट मांगी थी। इसी क्रम में बलिया जनपद के सात ऐसे पशु अस्पतालों को चिन्हित किया गया, जिनके भवन लगभग 30 वर्ष पुराने हो चुके हैं और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। इन अस्पतालों के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक पर करीब 69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नए पशु अस्पताल भवन पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनमें पशु चिकित्सकों के लिए आवास, कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था, दवा भंडारण के लिए स्टोर रूम, कैटल शेड तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि इन अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर पशुओं की शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) की भी सुविधा होगी, जिससे गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं को जिला मुख्यालय तक नहीं ले जाना पड़ेगा।
निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड का चयन कर लिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिन राजकीय पशु अस्पतालों के भवनों के नवनिर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उनमें सीयर, नगरा, पंदह, रामपुर दीघार, फेफना और इब्राहिमपट्टी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व में सिकंदरपुर पशु अस्पताल को भी इसी योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने की तैयारी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. मिश्र ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है और स्वीकृति पत्र का इंतजार है। जैसे ही शासन से पत्र प्राप्त होगा, टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य जल्द आरंभ कराया जाएगा। पशुपालकों का मानना है कि अस्पतालों के आधुनिक होने से न केवल पशुओं के इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि समय और खर्च दोनों की बचत भी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। कुल मिलाकर यह योजना जनपद के पशुपालन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और पशुधन संरक्षण को नई मजबूती प्रदान करेगी।

rkpnews@somnath

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