विश्व फिजियोथैरेपी दिवस पर सेवा की मिसाल, पकौली कुटी में उमड़े मरीज
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर लोगों को फिजियोथैरेपी के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंद मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में देवरिया फिजियोथैरेपी संगठन की ओर से सराहनीय पहल की गई। को पकौली कुटी प्रांगण, देवरिया में निःशुल्क फिजियोथैरेपी एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 300 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ उन्हें आवश्यक फिजियोथैरेपी उपचार, व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि पकौली पीठ के पवहारी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद देवरिया माननीय पंडित गिरीश चंद्र तिवारी की मौजूदगी रही। पकौली मंडल के संयोजक राजन यादव, जिला पंचायत सदस्य बलराम यादव, महामंत्री प्रमोद शाही समेत क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों ने जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क फिजियोथैरेपी सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास की सराहना की।
शिविर में पकौली कुटी पर सिद्धार्थ शाही की उपस्थिति और सहयोग भी उल्लेखनीय रहा। उनकी सहभागिता से शिविर में आने वाले मरीजों और स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहन मिला।
शिविर का संचालन देवरिया फिजियोथैरेपी संगठन के अध्यक्ष डॉ. डी.के. पाण्डेय ने किया। संगठन से जुड़े फिजियोथैरेपिस्टों की टीम ने अलग-अलग शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का परीक्षण किया। मरीजों की समस्या के अनुसार उन्हें फिजियोथैरेपी की आवश्यकता, व्यायाम की सही तकनीक, शरीर की गतिविधियों को बेहतर बनाए रखने और दैनिक जीवन में सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।
शिविर में डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. के.डी. मिश्रा, डॉ. रत्नेश शर्मा, डॉ. नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, डॉ. विपुल चौहान, डॉ. कृष्णकांत मिश्रा, डॉ. रमजान, डॉ. के.एम. यादव, डॉ. आलोक पाठक, डॉ. इंद्रपाल यादव, डॉ. सतीश जायसवाल, डॉ. रजनी शुक्ला, डॉ. सचपति मणि, डॉ. अशोक कुशवाहा, डॉ. प्रफुल्ल यादव, डॉ. बृजेश यादव, डॉ. शिवम जायसवाल, डॉ. आदित्य मणि त्रिपाठी और डीआर शुभम जायसवाल सहित संगठन के अन्य फिजियोथैरेपिस्टों ने अपनी सेवाएं दीं।
फिजियोथैरेपी को आमतौर पर लोग केवल शरीर के दर्द से राहत पाने की चिकित्सा के रूप में देखते हैं, लेकिन इसका दायरा इससे कहीं व्यापक है। विशेषज्ञों के अनुसार उचित फिजियोथैरेपी शरीर की गतिशीलता बढ़ाने, मांसपेशियों की ताकत और लचीलेपन को बेहतर करने तथा चोट या बीमारी के बाद सामान्य गतिविधियों में लौटने में मदद कर सकती है। कई मामलों में नियमित और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार किए गए व्यायाम से व्यक्ति की कार्यक्षमता में सुधार लाने में सहायता मिलती है।
कमर, गर्दन, कंधे, घुटने और जोड़ों से जुड़ी कई समस्याओं में फिजियोथैरेपी का उपयोग किया जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में गर्दन और कमर के दर्द जैसी परेशानियां देखने को मिलती हैं। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय सलाह के साथ सही मुद्रा, स्ट्रेचिंग और उपयुक्त व्यायाम काफी उपयोगी हो सकते हैं। इसी तरह चोट के बाद शरीर के प्रभावित हिस्से की गतिविधि और ताकत को धीरे-धीरे सामान्य करने के लिए भी फिजियोथैरेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बुजुर्गों के लिए भी फिजियोथैरेपी उपयोगी हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञ की देखरेख में किए जाने वाले उपयुक्त व्यायाम शरीर की गतिशीलता बनाए रखने और दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि किसी भी गंभीर दर्द, चोट या बीमारी की स्थिति में स्वयं व्यायाम करने के बजाय योग्य चिकित्सक या फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह लेना आवश्यक है।
फिजियोथैरेपी का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य मरीज को केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि उसकी शारीरिक क्षमता और दैनिक जीवन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करना भी है। सही व्यायाम, शरीर की मुद्रा, गतिविधियों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी मरीज को भविष्य में अपनी शारीरिक सेहत के प्रति अधिक जागरूक बना सकती है।
देवरिया फिजियोथैरेपी संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि फिजियोथैरेपी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज के ऐसे लोगों तक भी इसकी जानकारी और सुविधा पहुंचनी चाहिए, जो आर्थिक या अन्य कारणों से विशेषज्ञ सेवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। इसी उद्देश्य से निःशुल्क स्वास्थ्य एवं फिजियोथैरेपी शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्र से आए लोगों ने भाग लिया। मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण और फिजियोथैरेपी संबंधी परामर्श का लाभ उठाया। आयोजन के दौरान लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि, सही व्यायाम और शरीर की समस्याओं को नजरअंदाज न करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य सेवा के साथ जनजागरूकता का भी माध्यम बना। करीब 300 मरीजों तक निःशुल्क सेवा पहुंचना इस पहल की व्यापकता को दर्शाता है। संगठन के फिजियोथैरेपिस्टों, स्थानीय नागरिकों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रयास से शिविर सफल रहा।
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