देवरिया/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के वरिष्ठ नेता और सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व महेंद्र यादव का 76 वर्ष की आयु में गोरखपुर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। महेंद्र यादव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी और बाद में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए जनसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
महेंद्र यादव का अंतिम संस्कार देवरिया के बरहज स्थित कटइलवा घाट पर पूरे सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनकी अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव मुंडेरा से प्रारंभ हुई, जहां से हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई उनके योगदान को याद कर रहा था।
महेंद्र यादव का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा। उन्होंने कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत की और बाद में ब्लॉक प्रमुख के रूप में अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया। इसके बाद वे विधान परिषद सदस्य भी बने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया। आगे चलकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाई और जिले के जिलाध्यक्ष पद पर भी आसीन रहे।
उनके नेतृत्व में कई विकास कार्यों को गति मिली और उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए काम किया। यही कारण रहा कि उनके निधन पर केवल राजनीतिक जगत ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग में शोक की लहर देखने को मिली।
महेंद्र यादव के अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव मुंडेरा में भारी भीड़ जुटी। इसमें राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी, पत्रकार, व्यापारी वर्ग के लोग और देवरिया व गोरखपुर के चिकित्सक भी शामिल हुए। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि महेंद्र यादव एक सरल, मिलनसार और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाई और हर व्यक्ति की मदद के लिए तत्पर रहते थे। उनके जाने से क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हो गई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
महेंद्र यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हमेशा जनहित को प्राथमिकता दी। उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए वे प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि महेंद्र यादव का व्यवहार बेहद सरल था और वे हर व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते थे। यही कारण था कि वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से क्षेत्र ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिसने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया।
महेंद्र यादव के परिवार में उनके परिजन और समर्थकों का बड़ा दायरा है, जो इस दुख की घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बने हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया।
महेंद्र यादव का निधन न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी।
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