बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 59वीं वाहिनी, मुख्यालय अगैईया में 62वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाहिनी के सभी अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे और राष्ट्र सेवा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान कमान्डेंट कैलाश चन्द रमोला ने महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल का संदेश पढ़कर समस्त बल कार्मिकों को सुनाया। उन्होंने अपने संबोधन में सशस्त्र सीमा बल के गौरवशाली इतिहास, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं राष्ट्र सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
कमान्डेंट ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल भारत–नेपाल एवं भारत–भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में निरंतर तैनात रहकर राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करता है। वर्ष 1963 में स्थापित यह बल तब से लेकर आज तक सीमाई सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा एवं राष्ट्रहित के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है।
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उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों को 62वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी पूरी निष्ठा, समर्पण और साहस के साथ राष्ट्र सेवा करते रहने के लिए प्रेरित किया।
स्थापना दिवस कार्यक्रम बल के जवानों के मनोबल को सुदृढ़ करने एवं संगठनात्मक एकता को और अधिक मजबूत करने का प्रतीक रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और अनुशासन की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
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