भारत–नेपाल क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म कॉनक्लेव 2025 का भव्य आयोजन, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म कॉनक्लेव 2025 का भव्य आयोजन नेपाल के नेपालगंज स्थित लुंबिनी सभागार में किया गया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन नेपाल टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें भारत और नेपाल के प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, पर्यावरणविदों, समाजसेवियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ नेपाल राष्ट्र गुरु चन्द्रनाथ योगी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कॉनक्लेव का मुख्य उद्देश्य भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना, क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म को सरल बनाना और दोनों देशों के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन गलियारों (कॉरिडोर) को सशक्त करना रहा।

इस अवसर पर काशी विश्वनाथ–पशुपतिनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ–बद्रीनाथ–पशुपतिनाथ कॉरिडोर, लुंबिनी–श्रावस्ती–सारनाथ–बोधगया कॉरिडोर तथा मिथिला–जनकपुर कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से जोड़ने और विकसित करने पर विशेष चर्चा की गई।

नेपालगंज बांके से सांसद धवल समशेर जंग बागदूर राणा ने कहा कि भारत–नेपाल के संबंध सनातन काल से रोटी–बेटी के हैं। हमारी संस्कृतियां और परंपराएं समान हैं तथा सनातन परंपरा दोनों देशों की सांस्कृतिक आत्मा है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का मजबूत आधार बताया।

पर्यटन संवाद को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी बांके ने कहा कि भारत–नेपाल सीमा पर पर्यटकों को होने वाली असुविधाओं को तात्कालिक प्रभाव से दूर करने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बन सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि नेपाल आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और सहयोग के लिए प्रशासन निरंतर कार्य करता रहेगा।

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कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार झलक गैरे ने किया, जबकि अध्यक्षता नेपाल पर्यटन बोर्ड के स्थानीय संयोजक श्री राम सिगडेल ने की। धन्यवाद ज्ञापन टूरिज्म बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी दिली राज ने किया। कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी अल्पना गुप्ता ने निभाई।

कॉनक्लेव में प्रमुख रूप से रूल ऑफ लॉ सोसाइटी के महामंत्री एवं कानूनविद सोमेश वर्धन सिंह, नेपाल बार काउंसिल के सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार दिवाकर सिंह, राजीव शर्मा, अजय शर्मा, ईश्वर प्रसाद गेंवाली, रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मिन बहादुर मल्ल, समाजसेवी रवेन्द्र नाथ शर्मा, समन्वयक रेशम खत्री, रिभु वर्धन सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर भारत और नेपाल के प्रतिनिधियों ने पर्यटन उद्योग को बहुआयामी, समावेशी और टिकाऊ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सम्मेलन को भारत–नेपाल पर्यटन सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Karan Pandey

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