जनता में आक्रोश, जनप्रतिनिधियों ने उठाई सड़क मरम्मत की मांग

(बलिया से घनश्याम तिवारी की रिपोर्ट)


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के रेवती से दत्तहा टीएस बंधे को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति इन दिनों अत्यंत दयनीय बनी हुई है। बारिश के चलते सड़क चौड़ीकरण हेतु जनवरी-फरवरी में डाली गई मिट्टी अब खुद लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। करीब तीन से चार किलोमीटर तक सड़क पर लगभग छह इंच मोटी कीचड़ की परत जम गई है, जिससे न केवल आवागमन ठप हो गया है, बल्कि दुर्घटनाओं की भी आशंका लगातार बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रेवती बाजार और अन्य ग्रामीण इलाकों में दैनिक आवाजाही होती है। लेकिन कीचड़ और फिसलन के कारण अब साइकिल, बाइक और पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और वृद्धजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ में फिसलकर घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, परंतु जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
दत्तहा के ग्राम प्रधान राकेश यादव ने बताया कि रेवती से दत्तहा का सड़क संपर्क लगभग टूट चुका है। लगातार बारिश और सड़क पर जमी कीचड़ ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। वहीं, दत्तहा पंप कैनाल द्वारा झरकटहा से भाखर-बघमरिया मार्ग को खोदकर अधूरा छोड़ देने से उस क्षेत्र का संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है।
जिला पंचायत सदस्य राजकिशोर यादव ने पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जनवरी-फरवरी में ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया होता, तो आज जनता को यह दिन नहीं देखना पड़ता। विभागीय लापरवाही के कारण जनता का जीवन कष्टमय हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मार्ग पर अविलंब समुचित मरम्मत कार्य कराया जाए और आवागमन को सुगम बनाया जाए।
स्थानीय लोगों में विभागीय उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जब तक मीडिया में आवाज बुलंद नहीं होती, तब तक जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार सुध नहीं लेते। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।