महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। इंडो नेपाल बार्डर से सटे लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में बीते दिनों हुई मूसलधार बारिश से नदिया रौद्र रुप धारण कर खतरे के लाल निशान के उपर बह रही थी। इस दौरान कई गावों में बाढ़ का पानी घुस गया था। प्रभावित लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही थीं। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के पहाड़ों पर बारिश हमने के साथ ही नारायणी गंडक नदी का जलस्तर भी कम हो चुका है सीमावर्ती क्षेत्र भौरहियां नाला, चंदन व झरही नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। लक्ष्मीपुर खुर्द, तुरकहियां, बसंतपुर गांव के सड़क मार्ग से भी बाढ़ का पानी नीचे उतर गया है लेकिन कीचड़ से लोगों की दुश्वारियां आज भी बरकरार हैं ।वहीं प्रधान प्रतिदिन संवार अली ने बताया कि बाढ़ के पानी से सिवान में किसानों का फसल जलमग्न हो गई है।इसके वजह से फसल काफी नुकसान हुआ है । राजस्व विभाग द्वारा लक्ष्मीपुर खुर्द में करीब दो सौ पचास से अधिक पीड़ितों में राहत सामग्री (खाद्यान्न कीट) वितरित की गई। इस दौरान कानूनगो अवधेश सिंह, लेखपाल विशाल भारती, सचिव रामकिशोर वर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सनवर अली, सुरेंद्र निगम, चौकी इंचार्ज महेंद्र कुमार, रोजगार सेवक पवन चौधरी, छोटेलाल, बबलू, रिजवान अली सहित तमाम लोग मौजूद रहें।
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